भगवान श्री कृष्ण और उनके जीवन का परिचय (PART-1) |

भगवान विष्णु समस्त मनुष्यों को मोक्ष प्रदान करने वाले एक प्रमुख देवता हैं। और हिन्दू धर्म में श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार माना गया है भगवान विष्णु ने अब तक कई अवतार धारण किये जिनमे से श्रीकृष्ण विष्णु जी के आठवे अवतार माने गए है |जब जब पृथ्वी पर आतंक बड़ा है तभी भगवान विष्णु ने किसी न किसी रूप मे अवतरित होकर पृथ्वी पर राक्षशो का अंत किया और पृथ्वी के भार को कम किया है |

भगवान विष्णु जी के सबसे महत्वपूर्ण अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण के ही माने जाते हैं। जिनमे से भगवान कृष्ण को पूर्णावतार माना गया है । और महाभारत काल मे भी कृष्ण जी ने ही गीता का उपदेश दिया था । भगवन श्री कृष्ण के जीवन के हर एक पढ़ाव मे कई रोचक किस्से हुए इन्हे लीलाधर या लीलाओं का राजा भी कहा जाता है बाल गोपाल की माखन चुराना हो या गोपियों संग रास रचाने हो आदि सभी किस्से बहुत ही रोमांचित थे ।

भगवान श्री कृष्ण और उनका परिवार (Family of Lord Krishna)

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापरयुग और त्रेता युग के बीच हुआ था और उनकी माता का नाम देवकी और पिता का नाम वासुदेव था। लेकिन उनका पालन पोषण माता देवकी और नंदबाबा ने किया था। उनके भाई का नाम बलराम और उनकी बहन का नाम सुभद्रा था और भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन मे सांदिपनी के आश्रम में वेद और योग की शिक्षा ग्रहण की । और एक काल्पनिक मान्यता के अनुसार श्री कृष्ण जी की १६ हज़ार पत्निया थी ।

यह भी पढ़े :- भगवन श्री कृष्ण का सम्पूर्ण जीवन परिचय (PART-1)

जन्माष्टमी का त्यौहार (Festival of Janmashtami )

श्री कृष्ण का जन्म कंस के आतंक को दूर करने के लिए हुआ था । ये एक साधारण पुरुष नहीं थे बल्कि एक युग पुरुष थे । श्रीकृष्ण के जन्म उत्सव को जन्माष्टमी के रूप मे पूरे भारतवर्ष मे बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है । लगभग सारे भारत में कृष्ण की स्तुति किसी न किसी रूप में की जाती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते है पूजा आराधना करते है मंदिरो को सजाया जाता है और जन्मष्टमी की अधिक जानकारी के लिए ये पढ़े ( कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाते है?)


भगवान श्री कृष्ण और राधा या उनकी लीलाएँ (Shri Krishna Lila or Radha)

पुराणों के अनुसार राधा जी को साक्षात लक्ष्मी माँ का रूप माना जाता है इसलिए राधाष्टमी मनाने की बात भी कही गई है। भगवान कृष्ण के साथ राधा रानी का हमेशा वर्णन देखने को और सुनने को मिलता रहा है और नन्द गांव की गोपी के रूप मे भी राधा जी का जिक्र किया गया है अनेकों गोपियाँ श्री कृष्ण को चाहती थी । जिसमे गोपी-कृष्ण की रासलीला को आध्यात्मिक और अति श्रांगारिक रूप दिया गया है |

रुक्मिणी, सत्यभामा, जाम्बवती आदि कृष्ण की विवाहित पत्नियाँ हैं राधा, ललिता आदि उनकी सखिया भी थी और प्रेमिकाएँ भी। भगवत ग्रंथ में कृष्ण लीलाओं का जितना भी वर्णन किया गया है वे सिर्फ कृष्ण भक्तों की श्रद्धा बढ़ाने के लिए किया गया है |

इसका 2nd पार्ट भी पढ़े :- INTRODUCTION TO LORD SHRI KRISHNA & HIS LIFE (PART-2)


आशा करती हूँ की आपको इस लेख से कृष्णा जी के जीवन की सम्पूर्ण जानकारी मिली होगी । यदि आपको ये लेख उपयोगी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें। ताकि आपकी वजह से और किसी को भी यह जानकारी मिल पाए |

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