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पितृ पक्ष की जानकारी और महत्व ।

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पितृ पक्ष :-  पितृ पक्ष जिसको सब श्राद्ध के नाम से जानते हैं उसे कनागत भी कहा जाता हैं। पूर्णिमा श्राद्ध से शुरू ये श्राद्ध पन्द्रह दिनो यानि अमावस्या के दिन समाप्त हो जाते हैं।  ऐसा कहा जाता हैं। कि श्राद्ध के समय, पूर्वज अपने रिश्तेदारों को आशीर्वाद देने के लिए पृथ्वी पर आते हैं और श्राद्ध के समय हिन्दू जो भोजन बनाते हैं। सबसे पहले उस भोजन को प्रसाद के रूप में पूर्वजों को श्रद्धांजलि और सम्मान से अर्पित करते हैं। महाकाव्य यानी रामायण और महाभारत मे श्राद्ध कर्म की व्यख्या देखने को मिल जाएगी ! श्राद्ध किसे कहते हैं? श्राद्ध का अर्थ है। जो पूर्वज इस समय जीवित नहीं है। यानि जो परिजन (पूर्वज) अपना शरीर छोड़ गये हैं। उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए उन्हें तर्पण देकर उनको सम्मान पूर्वक आभार देना ! पितृ पक्ष का महत्‍व 15 दिन के ये पितृ पक्ष बहुत ही महत्‍व रखते हैं। पितर तब प्रसन्‍न होते हैं। जब उनका श्राद्ध किया जाता हैं इसलिए पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध करना, इन दिनों में पूजा व पिंडदान करना जरूरी माना जाता है। यद्यपि श्राद्ध ना किये जाये तो पूर्वज नाराज तो होते ही हैं। स...

पितर कौन है, कैसे करें श्राद्ध, श्राद्ध की महत्वपूर्ण तारीखें और पितर के शुभ संकेत की जानकारी ।

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पितर कौन कहलाते हैं ? ऐसे व्यक्ति जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उनमे चाहे विवाहित हों या अविवाहित, बच्चा हो या बुजुर्ग, स्त्री हो या पुरुष….वो पितर कहलाते हैं। भाद्रपद महीने के पितृ पक्ष को उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण दिया जाता हैं। पितृपक्ष में श्राद्ध कैसे करे? श्राद्ध पक्ष में पितरों के लिए बनाए गए भोजन में से एक हिस्सा गाय, दूसरा हिस्सा कुत्ते, तीसरा हिस्सा कौए और एक हिस्सा अतिथि के लिए रखे ! फिर ब्राह्मणों को भोजन कराएं। श्राद्ध की महत्वपूर्ण तारीखें पंचम श्राद्ध - जिन लोगों यानी पितरो की मृत्यु अविवाहित स्थिति में हुई हो, पंचमी तिथि पर हुई हो ऐसे में उन लोगो का श्राद्ध पंचमी तिथि में किया जाता हैं ! नवमी श्राद्ध :- सभी दिवंगत महिलाओं का श्राद्ध इसी नवमी श्राद्ध में किया जाता हैं। इस तिथि को मातृनवमी के नाम से भी जाना जाता हैं। चतुर्दशी श्राद्ध :- जिन पितरो की अकाल मृत्यु हो जाती हैं। उनका श्राद्ध चतुर्दशी को किया जाता हैं। सर्वपितृ अमावस्या :- जिन पितरो के मृत्यु की पूर्ण जानकारी ना हो उनका श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या यानि श्राद्ध के अंतिम दिन अमावस्या को किया जाता है। ऐसे मिलते...