पितर कौन है, कैसे करें श्राद्ध, श्राद्ध की महत्वपूर्ण तारीखें और पितर के शुभ संकेत की जानकारी ।


पितर कौन कहलाते हैं ?

ऐसे व्यक्ति जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उनमे चाहे विवाहित हों या अविवाहित, बच्चा हो या बुजुर्ग, स्त्री हो या पुरुष….वो पितर कहलाते हैं। भाद्रपद महीने के पितृ पक्ष को उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण दिया जाता हैं।

पितृपक्ष में श्राद्ध कैसे करे?

श्राद्ध पक्ष में पितरों के लिए बनाए गए भोजन में से एक हिस्सा गाय, दूसरा हिस्सा कुत्ते, तीसरा हिस्सा कौए और एक हिस्सा अतिथि के लिए रखे ! फिर ब्राह्मणों को भोजन कराएं।

श्राद्ध की महत्वपूर्ण तारीखें

पंचम श्राद्ध- जिन लोगों यानी पितरो की मृत्यु अविवाहित स्थिति में हुई हो, पंचमी तिथि पर हुई हो ऐसे में उन लोगो का श्राद्ध पंचमी तिथि में किया जाता हैं !

नवमी श्राद्ध :- सभी दिवंगत महिलाओं का श्राद्ध इसी नवमी श्राद्ध में किया जाता हैं। इस तिथि को मातृनवमी के नाम से भी जाना जाता हैं।

चतुर्दशी श्राद्ध :- जिन पितरो की अकाल मृत्यु हो जाती हैं। उनका श्राद्ध चतुर्दशी को किया जाता हैं।

सर्वपितृ अमावस्या :- जिन पितरो के मृत्यु की पूर्ण जानकारी ना हो उनका श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या यानि श्राद्ध के अंतिम दिन अमावस्या को किया जाता है।

ऐसे मिलते हैं पितरों के शुभ संकेत

1.) यदि कौआ मकान की छत पर जाकर बैठा हो या अनाज के ढ़ेर पर बैठा मिले या फिर अपनी चोंच में सूखा तिनका लाते दिखे तो धन लाभ होता है।

2.) यदि कौआ घर के आसपास चोंच में फूल-पत्ती लिए दिखाई दे तो हर मनोकामना पूर्ण होती हैं।

3.) यदि कौआ गाय की पीठ पर चोंच को रगड़ता दिखे तो उत्तम भोजन की प्राप्ति होती हैं।

4.) यदि कौआ भोजन बाईं तरफ से आकर करता हैं। तो बिना किसी रुकावट के यात्रा पूरी होती हैं।

5.) यदि वहीं कौआ पीठ की तरफ से आता है तो प्रवासी को लाभ होता है।

आशा करती हूँ आपको इस लेख से पितृ पक्ष के बारे में बहुत कुछ जानकारी मिली होगी । यदि आपको ये लेख उपयोगी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें। ताकि आपकी वजह से और किसी को भी यह जानकारी मिल पाए | (पितृपक्ष श्राद्ध)

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