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भाई दूज से जुड़े कुछ रहस्य और मान्यताये | Unheared Facts & Secrets of Bhaidooj |

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1.) भाई दूज हिंदी के दो शब्दों "भाई" और "दूज" से मिलकर बना है | भाई का अर्थ तो आप सब जानते ही है और दूज का अर्थ है चन्दर्मा के बाद दूसरा दिन |  2.) कार्तिक मॉस के शुकल पक्ष के द्वितीय तिथि को और दिवाली के दो दिन बाद भाई दूज मनाई जाती है |  3.) भाई दूज के दिन यमदूत की भी पूजा होती है | क्युकी इस दिन भगवान् यम ने अपनी बहन यामी के साथ इस त्यौहार को मनाया था | इसलिए इस दिन को 'यम द्वितीय' या 'यामादविथिया' भी कहा जाता है और संस्कृत में भागिनी हस्ता भोजना के नाम से जाना जाता हैं | 4.) दिवाली के 5 दिन के उत्सव का ये दिन (भाईदूज) अंतिम प्रतिक है |  5.) भाई दूज के दिन ही दीपो के उत्सव का समापन होता है |  6.) दिवाली के 5 दिन के उत्सव में भाईदूज ही ऐसा त्यौहार है जो पुरे भारतवर्ष में मनाया जाता है और गुजरात, गोवा कर्नाटका और महाराष्ट्र में भाऊ-बीज, भाई बीज और पश्चिम बंगाल में भाई फोंटा (फोटा का अर्थ चावल या सिन्दूर का  लेप या काजल का पेस्ट माथे पर तिलक के रूप में लगाना ) और कर्नाटक में इसे सौदरा बिदिगे और मणिपुर के लोग भाई धुज को निंगोल चाकुबा के ना...

गोबर्धन पर्वत से जुड़े कुछ रहस्य और मान्यताये | Unheated facts beleive and auspicious time of Govardhan Parvat |

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आप सभी ये जानते होंगे की मथुरा से करीब 22 किलोमीटर दूर गोबर्धन पर्वत स्थित है | इस पर्वत को कान्हा जी ने ब्रजवासियो की इंद्र देवता से रक्षा करने के लिए उठाया था | लेकिन गोबर्धन पर्वत से जुड़े कुछ रहस्य और मान्यताये है जिनको सुनकर आपको हैरानी होगी | 1.) गोवर्धन पर्वत का आकार दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है, ऐसा माना जाता है कि जब भी गोवर्धन पर्वत समाप्त होगा, उसी समय कलियुग का भी अंत हो जाएगा। 2.) मान्यता के अनुसार गोबर्धन पर्वत की परिक्रमा, हर महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी से लेकर पूर्णिमा तक लगायी जाती है | 21 किलोमीटर की यह परिकर्मा लगभग 7 कोस की होती है  जिसे सप्तकोसी परिकर्मा भी कहा जाता है | 3.) गोवर्धन पर्वत से थोड़ी दूर हरजी नमक कुंड स्थित है | कहा जाता है की कृष्ण जी अपने सखाओ के साथ इस स्थान पर गायो को चराने आते थे | 4.) हरजी कुंड से थोड़ी ही दुरी पर चूतर टेका स्थान आता है जहा भगवान राम जी, सीता माँ, लक्ष्मण जी  और राधा-कृष्ण का मंदिर स्थित है | 5.) गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा के दौरान विट्ठल नामदेव मंदिर और फिर राधा कुंड मंदिर आता है। मान्यता है कि ...