रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त एवं विधि



रक्षाबंधन कब है ? 

श्रावण मॉस के शुकल पक्ष को सावन पूर्णिमा के दिन यानि आज 22 अगस्त 2021 को रक्षाबंधन का यह पर्व मनाया जायेगा | बहनो को इस दिन का बेसब्री से इंतज़ार रहता है | क्युकी वह अपने भाई के कलाई पर रक्षा धागा बांधती है और वही दूसरी और भाई अपने बहिन की रक्षा का वचन देता है |

रक्षाबंधन के इस पर्व की ख़ुशी भाइयो में भी देखने को मिल जाती है | दूर दूर से भाई अपने बहन के यहाँ इस त्यौहार को बड़े ही उल्लास से मनाने आते है | और कुछ न कुछ उपहार जरूर देते है | शुभ मुहूर्त में इस पर्व को करने से जीवन में अच्छे परिणाम देखने को मिलते है| 

कब ये पर्व नहीं मनाना चाहिए ?

भद्राकाल के मुहूर्त में यह पर्व नहीं मनाना चाहिए | भद्राकाल में दो कार्य ऐसे होते है जिन्हे भूलकर भी नहीं करना चाहिए |  एक तो अभी जो हमने आपको बताया की राखी बांधने का कार्य और दूसरा फाल्गुन मॉस में होलिका दहन का कार्य | 

भद्राकाल का समय जान लीजिये :- ये 21अगस्त के शाम 6 बजकर 12 मिनट से अगले दिन यानि 22 अगस्त के सुबह 5 बजकर 37 मिनट तक रहेगा |

भद्राकाल के बाद शुभ मुहूर्त कब है ?

भद्राकाल के ऊपर बताये गए मुहूर्त के बाद पंचक लग जायेगा जो की 22 अगस्त से आगे 5 दिन लगातार लगा रहेगा और इस समय रक्षाबंधन पर्व को मनाना शुभ माना गया है | पंचग की वजह से कोई भी बाधा नहीं आएगी |



रक्षाबंधन का पर्व भाई बहनो को कैसे मानना चाहिए  ?

रक्षाबंधन का यह पर्व भाई बहनो के लिए बहुत ही पवित्र और अटूट बंधन माना गया है | 



रक्षाबंधन की विधि :-

पहले बहनो को अपने भाईयो को एक चौकी पर बैठना चाहिए और भाइयो को सर पर एक रुमाल या टोपी पहननी चाहिए |

फिर भाई के मस्तक पर तिलक लगाने के बाद सीधे हाथ में नारियल रखकर राखी (दाहिने यानि सीधे हाथ में) बांधनी चाहिए | 

राखी बांधते समय "ॐ जय श्री कृष्णा" का भी मंत्र बोलना चाहिए | और राखी बांधकर कुछ मीठा जरूर खिलाये | और फिर भाई की आरती उतारे | फिर भाई अपनी श्रद्धा अनुसार अपनी बहन को कोई न कोई उपहार जरूर दे |

 ऐसे रक्षाबंधन का पर्व मनाना चाहिए |


रक्षाबंधन पर्व शुभ मुहूर्त :-

रक्षाबंधन पर्व का शुभ मुहूर्त :- आज जो पहला मुहूर्त रहेगा वो सुबह 9 बजे से दोपहर के 12 बजे तक रहेगा | 

दूसरा शुभ मुहूर्त :- दोपहर 1 बजकर 30 मिनट् से लेकर 3 बजे तक रहेगा |

तीसरा शुभ  मुहूर्त :- शाम के 6 बजे से रात के 10:30 बजे तक रहेगा |



रक्षाबंधन पर्व राहुकाल मुहूर्त :- 

रक्षाबंधन पर्व का राहुकाल मुहूर्त :- जो की 4 बजकर 30 मिनट् से लेकर शाम के 6 बजे तक है जिसमे रक्षाबंधन का यह त्यौहार नहीं मनाना चाहिए |

तो ऊपर दिए गए शुभ मुहूर्त के समय यदि आप कभी भी राखी बांधते है ये शुभ परिणाम जरूर देगा |




आशा करती हूँ आपको इस लेख से रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त एवं विधि के बारे में बहुत कुछ जानकारी मिली होगी । यदि आपको ये लेख उपयोगी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें। ताकि आपकी वजह से और किसी को भी यह जानकारी मिल पाए |

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