दशहरे का अर्थ, महत्व, उद्देशय, जाने रोचक जानकारिया और मान्यताये |


सभी जानते है की दशहरा नवरात्री समाप्त होने के 10 वे दिन मनाई जाती है |  

बुराई को ख़तम करके अच्छाई को बरकार रखने की प्रथा की वजह से दशहरा मनाया जाता है | 


दशहरे का अर्थ :-

दशहरा का एक अर्थ है दसेरा |

दूसरा अर्थ है जो दो शब्दों से बना है दश-जिसका मतलब है -दस और हारा यानि नाश |

तीसरे अर्थ के अनुसार दशहरा को दसवीं तिथि भी कहा जाता है | 


दशहरा  किन किन नामो से जाना जाता है ?

इस दिन भगवान राम जी ने रावण का अंत किया था | और माँ दुर्गा ने महिषासुर जैसे राक्षस का अंत किया था |  इसलिए इस त्यौहार को विजयदशमी के नाम से भी जना जाता है | 

दशहरा को आयुध पूजा और बिजोया के नाम से भी जाना जाता है | 

दशहरा जिसे आयुध पूजा के नाम से भी जाना जाता है | दशहरा का यह त्यौहार आयुध पूजा कर्नाटक, तेलंगाना आंध्र प्रदेश शहरो में बहुत धूम धाम से मनाया जाता है |

दशहरा मनाने का उद्देशय :-

दशहरा इसलिए मनाया जाता है क्योकि ये त्यौहार बुराई पर अच्छी की जीत का प्रतिक है |

यह त्यौहार अधर्म के रास्ते को छोड़ धर्म के रस्ते पर चलते रहने का पाठ सिखाता है | और धर्म के प्रति निष्ठां भाव से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है |  

साथ ही में एक दूसरे के साथ उत्सव मानना सिखाता है और यह त्यौहार मनोंरजन भी करवाता है | 


दशहरे का महत्व :-

यह त्यौहार इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्युकी इस दिन किये गए कोई भी शुभ कार्य जैसे की -नया घर खरीदने से लेकर गृह प्रवेश तक, कोई प्रॉपर्टी ख़रीदिनी हो, व्यापर शुरू करना, लेनदेन करना सब बहुत शुभ माने जाते है | 

मान्यताये :- 

1.) कहा जाता है की ऐसी दिन राजा अशोक ने अहिंसा का मार्ग छोड़ हिंसा के मार्ग को अपनाया था |

2.) प्राचीनकाल के अनुसार ऐसी दिन मोर्य शासन की शुरुआत हुई थी |


दशहरा पर्व कैसे मनाया है ?

दशहरे में बहुत बड़े बड़े और जगह जगह मेले लगाए जाते है | जिसमे लोगो के मनोरजन के लिए झूले, खाना पीना खिलोने आदि की दुकाने लगायी जाती है | 

एक बड़े विशाल मैदान में रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पूतले लगाये जाते है | और कोई भी भक्त राम का रूप धारण कर इन पुतलो पर बाण चलाता है और इस तरह पुतलो के साथ बुराई का अंत हर साल होता है | 

इस उत्सव में कई बार झाकिया भी दिखाई जाती है | 




दशहरे पर्व  की रोचक जानकारिया :-

1.) महाराष्ट्र में यह त्यौहार सिलंगण के नाम से मनाया जाता है | जिसमे शमी वृक्ष के पत्तों को 'स्वर्ण' रूप मानकर उन्हें तोड़ते है और अपने घर ले आते है | फिर उन स्वर्ण पत्तो को एक दूसरे को आदान प्रदान करते है |

2.) मसूर शहर में मैसूर महल को दीपमालिका से पूरी तरह प्रकाशमय किया जाता है | और वह हाथियों की भव्य झाकिया निकलती है | और लोग टोर्च लेकर नृत्य करते है | झाकियों का आनंद लेते है |

3.) बंगाल, उड़ीसा और असम में विजयदशमी का त्यौहार दुर्गा पूजा  के रूप में बहुत धूम धाम से मनाया जाता है |  

4.) हिमाचल प्रदेश में कुल्लू दशहरे दशहरे के रूप ये त्यौहार मनाया जाता है | जिसमे सभी एक हफ्ते पहले से ही इसकी त्यारियां आरम्भ कर देते है और जिनके पास जो भी तुरही, बिगुल, ढोल, नगाड़े, बाँसुरी आदि जैसे वाद्य होते है | उन्हें बजाते हुए सब एकत्रित हो जाते है और पालकी में सजी देवताओ की विराजमान मूर्तियों की धूमधाम से झाकिया निकलते है | 

5.) हिमाचल प्रदेश के लोगो के प्रमुख देवता रघुनाथजी जी से पूजा का शुभारम्भ किया जाता है |  
 
6.) पंजाब में भी दशहरा हिन्दुओं के त्योहारों की तरह ही  मनाया जाता है | और यहाँ भी मिटहै और उपहार देने का रिवाज़ है |

7.) बस्तर में यह पर्व दंतेश्वरी देवी की आराधन की जाती है | यहाँ लोगो का मानना है की ये राम जी रावण पर विजय का पर्व नहीं है ये पर्व देवी दुर्गा का ही रूप दंतेश्वरी की वजह से मनाया जाता है और तो और इस त्यौहार को मैंने को शुरुआत ७५ दिन पहले से ही शुरू हो जाती है `| 

8.) दशहरा तमिल नाडु, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक में दुर्गा माँ और उनके अन्य स्वरूप माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है इन शहरों में यह त्यौहार दिवाली जैसे ही मनाई जाती है | जैसे घर के बहार के मंदिरो को फूलो और दीपको से सजाया जाता है | एक दूसरे को लोग उपहार, मिठाईया और कपडे भेट करते है | 

9.)  गुजरात में दशहरा का त्यौहार रंगीन घड़ा देवी को समर्पित है | यहाँ सभी भगवन की आरती कर पारम्परिक वस्त्र से सजधज कर संगीत पर गरबा करते है जिसमे दो छोटे डंडो को आपस ने बजाकर घूमते है और नर्त्य किया जाता है |

10.) कश्मीर में अनोखे रूप से नवरात्री के पर्व को मनाया है यहाँ नो दिन सिर्फ पानी पीकर व्रत किया जाता है | 

11.) नेपाल में दशहरा के दिन बड़ो से माथे पर सिंधुर का टिका लगवाकर उनसे आशीर्वाद लेने की परंपरा है |

आशा करती हूँ आपको इस लेख से दशहरे पर्व  के बारे में बहुत कुछ  रोचक जानकारिया मिली होगी । यदि आपको ये लेख उपयोगी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें। ताकि आपकी वजह से और किसी को भी यह जानकारी मिल पाए |

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